एक दिन को नहीं मिल रहे दर्शक, सोमवार का कलेक्शन निराशाजनक
मुंबई: बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों कई बड़ी फिल्मों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जहां कुछ फिल्में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए हैं तो कुछ संघर्ष करती नजर आ रही हैं। रितेश देशमुख की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ ने दर्शकों के बीच अपनी एक खास जगह बनाई है और शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भी संतोषजनक कमाई कर रही है। दूसरी तरफ, अक्षय कुमार और रणवीर सिंह जैसे सितारों की फिल्में पुराने होने के बावजूद सिनेमाघरों में टिकी हुई हैं, जबकि कुछ नई रिलीज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में विफल साबित हो रही हैं।
‘राजा शिवाजी’ का दबदबा और अन्य नई फिल्मों का संघर्ष
रितेश देशमुख के निर्देशन और अभिनय से सजी ‘राजा शिवाजी’ ने अपनी रिलीज के पहले ही सप्ताहांत में बॉक्स ऑफिस पर हलचल पैदा कर दी थी। रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए फिल्म ने सोमवार को अपने चौथे दिन लगभग सवा पांच करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया, जिससे इसका कुल घरेलू कलेक्शन अब चालीस करोड़ के करीब पहुंच गया है। इसके विपरीत, काफी चर्चाओं में रही फिल्म ‘एक दिन’ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है और वर्किंग डे शुरू होते ही इसकी कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो अब महज कुछ लाख रुपयों तक सिमट कर रह गई है।
हॉलीवुड फिल्मों की चमक और ‘भूत बंगला’ की निरंतरता
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड की फिल्मों का जलवा भी बरकरार है, जहां ‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’ अपनी बेहतरीन कहानी के दम पर दर्शकों को आकर्षित कर रही है और अब तक चौदह करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। वहीं, माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ भी ग्यारहवें दिन एक करोड़ से अधिक का कलेक्शन कर अपनी मजबूती दिखा रही है। अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ ने अपनी रिलीज के तीन हफ्ते पूरे करने के बाद भी अपनी रफ्तार बनाए रखी है और एक सौ चवालीस करोड़ से ज्यादा का भारी-भरकम आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
रणवीर सिंह की ऐतिहासिक सफलता और लंबी रेस के घोड़े
सिनेमाघरों में करीब डेढ़ महीने से जमी हुई रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। अपनी रिलीज के सैंतालीसवें दिन भी फिल्म ने लाखों में कमाई का सिलसिला जारी रखा है, जिससे इसका कुल कारोबार अब ग्यारह सौ करोड़ के विशाल स्तर को पार कर चुका है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि दर्शक अच्छी सामग्री वाली फिल्मों को लंबे समय तक समर्थन दे रहे हैं। फिलहाल बाजार में जहां ‘राजा शिवाजी’ जैसी नई फिल्में अपना आधार बना रही हैं, वहीं पुरानी फिल्में भी अपनी विरासत को मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं।

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